जब भी आप किसी मंत्र, जप, पूजा या साधना की शुरुआत करते हैं, तो संकल्प लेना अत्यंत आवश्यक होता है। यह एक आध्यात्मिक वचन है, जिसके माध्यम से आप अपने इष्ट देवता को बताते हैं कि आप किस उद्देश्य से, कितनी संख्या में, कितने दिनों तक, और किस मंत्र से साधना कर रहे हैं।
इस उत्पाद में आपको संकल्प लेने की संपूर्ण विधि आसान भाषा में बताई गई है – चाहे आप दैनिक जप कर रहे हों या किसी विशेष सिद्धि साधना के लिए संकल्प ले रहे हों। इसमें आपको मिलेगा:
हिन्दी में स्पष्ट संकल्प विधि
सामान्य और विशेष संकल्प दोनों के उदाहरण
देवताओं को साक्षी मानकर संकल्प लेने की विधि
जप समर्पण की प्रक्रिया (अर्पण विधि)
गुरु का नाम जोड़कर मंत्र को प्रभावशाली बनाने का तरीका
यह विधि न केवल आपकी साधना को सशक्त बनाती है, बल्कि ईश्वर के समक्ष आपकी भावना और निष्ठा को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करती है।




